दरअसल, जिन नालों से यमुना में पानी भेजा जाता है वो पुरानी डिजाइन के हैं. जिनकी क्षमता सिर्फ 50 एमएम बारिश का पानी ले जाने की है. 50 एमएम से ज्यादा बारिश होने पर दिल्ली में जलभराव होगा. दूसरा कारण पेंडिंग चल रहा 'ड्रेनेज मास्टर प्लान' है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है. दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ बारिश ने लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) समेत अन्य सभी सरकारी एजेंसियों के दावों को पानी में बहा दिया है. सभी नालों की सफाई कर दी जाए तब भी दिल्ली को जलभराव से नहीं बचाया जा सकता है. खुद ये PWD के अधिकारी और एक्सपर्ट मानते हैं. दरअसल, जिन नालों से यमुना में पानी भेजा जाता है वो पुरानी डिजाइन के हैं. जिनकी क्षमता सिर्फ 50 एमएम बारिश का पानी ले जाने की है. 50 एमएम से ज्यादा बारिश होने पर दिल्ली में जलभराव होगा. दूसरा कारण पेंडिंग चल रहा 'ड्रेनेज मास्टर प्लान' है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है.